आयुर्वेद · Tridosha
त्रिदोष, अग्नि और आम: आयुर्वेद का आधार
वात-पित्त-कफ का संतुलन, जठराग्नि की भूमिका और आम (विषाक्त पदार्थ) से बचाव।
Yoga for Wellness · 26 जुलाई 2026 · 7 मिनट पठन

त्रिदोष
- वात — गति और स्नायु
- पित्त — पाचन और रूपांतरण
- कफ — स्थिरता और पोषण
अग्नि
जठराग्नि सबल हो तो आहार ओज बनता है; मंद हो तो आम बनता है।
आम के लक्षण
जीभ पर परत, भारीपन, आलस्य, दुर्गंध और भूख का अभाव।
समाधान
गर्म जल, अदरक, हल्का आहार और निश्चित भोजन समय।
- #त्रिदोष
- #अग्नि
- #आम
- #पाचन
सामान्य प्रश्न
- अपना दोष कैसे जानें?
- शरीर-प्रकृति, पाचन और नींद के लक्षणों से; वैद्य परामर्श श्रेष्ठ है।
